उत्तर प्रदेश का नंबर - 1, हिंदी हेल्थ चैनल

Breaking

  

Post Top Ad

सोमवार, 24 दिसंबर 2018

Echinacea Angustifolia "Moench" D.C.- इस पौधे की जड से प्राप्त रासायनिक पदार्थो के अनुपान से शरीर के सभी लस ग्रंथियों और मानव शरीर की आंतरिक क्रियाओं के सुचार रूप से सम्पादन के लिए तथा स्वस्थ रहने के लिए इसके रसायन अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इसके रसायन ज्वरनाशक स्वभाव के होते है।

पौधे का वैज्ञानिक या औषधीय नाम - इचीनैशिया अंगस्टिफोलिया "मोयंक" डी. सी. Echinacea Angustifolia "Moench" D.C. है।
Pic credit - Google/en.wikipedia.org

विभिन्न भाषाओ में पौधे का प्रचलित नाम - अंग्रेजी भाषा में सामान्य नाम Rattlesnake weed है।
Pic credit - Google/en.wikipedia.org

वंश - यह कम्पोजिएटी (Compositae) कुल  की वनस्पति है। इस कुल में इसकी कुल 3 प्रजातियाँ पाई जाती है।
Pic credit - Google/en.wikipedia.org

निवास - इस कुल में पाई जाने वाली वनस्पतियों का मौलिक निवास अमेरिका है। यद्पि की इसकी कुछ प्रजातियाँ भारत में पाई जाती है। फिर भी भारतीय चिकित्सा ग्रंथो में इसका कोई उल्लेख नहीं मिलता है।
वनस्पति विन्यास का वर्णन - इस वनस्पति का जातीय नाम Echinacea, ग्रीक भाषा के Echinos शब्द से लिया गया है। Echinos शब्द का अर्थ "छोटी झाड़ीदार" (Hadges) होता है। इस वनस्पति  पुष्प शीर्षो के निचे अवस्थीय काँटेदार सहपत्रियों (Bracts) छोटी झाड़ी जैसी घनी होती है।
यह एक बारहमासी औषधीय पौधा है। इसके पौधे की अधिकतम ऊंचाई लगभग 5 फिट होती है। शाखाओं पर इसकी पत्तिया एकान्तर रूप में लगती है। इसकी जड़े मुसला और कंदिल (गाजर की तरह) होती है। पत्तियों के अक्ष पर इसके फूल बैगनी रंग के लगते है। इसके फूल के बाह्य दलपुंज में 5 अदद अंखुड़िया (Sepales) और पुष्पदल (Corolla) में 5 अदद पंखुडिया (Petals) होती है।
औषधीय कार्यो के लिए पौधे का उपयोगित भाग - औषधीय कार्यो के लिए इस पौधे की जड़े व्यवहार की जाती  है। इसकी जड़ों का संग्रहण प्रौढ़ पौधे से किसी भी ऋतू में किया जा सकता है।
पौधे से प्राप्त रासायनिक यौगिक - इस वनस्पति की जड़ों में Braunerine, Resin, Essential oil, Enzymes, Pectin, Thiamine, Vitamin - C, आदि रासायनिक पदार्थ पाए जाते है।
पौधे से प्राप्त रासायनिक पदार्थो के गुण धर्म एवं शारीरिक क्रियाएँ - इस पौधे की जड से प्राप्त रासायनिक पदार्थो के अनुपान से मुँह में स्थित लस ग्रंथियों की क्रियाएं तो उत्तेजित होती ही है इनके साथ साथ शरीर के सभी लस ग्रंथियों पर भी इसकी स्पष्ट और पर्याप्त क्रियाएं पाई जाती है। मानव शरीर की आंतरिक क्रियाओं के सुचार रूप से सम्पादन के लिए तथा स्वस्थ रहने के लिए इसके रसायन अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इसके रसायन ज्वरनाशक स्वभाव के होते है
पौधे के व्यवहार का प्रचलित स्वरुप - औषधीय कार्यो के लिए इस वनस्पति की जड़ का क्वाथ (Decoction) टिंक्चर (Tincture), इन्फ्यूजन, तरल, चूर्ण आदि कई रूपो में व्यवहार किया जाता है।  

1 टिप्पणी:

  1. आपके द्वारा दी गई जानकारी बहुत ही लाभदायक है | और यह सबको फ़ायदा पहुचने वाली है | आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से भले ही आराम देर लगता है पर स्थाई रूप से आराम मिलता है | Heatlh Tips

    जवाब देंहटाएं

Post Top Ad

Shopping Festival

Best Festival Shopping Website.

Visit This Website